» मुसलमान के बाद कौन।

    12

मुसलमान के बाद कौन। i.indiaopines.com/abhishekkumarpreetam/%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%b8%e0%a4%b2%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%95%e0%a5%8c%e0%a4%a8%e0%a5%a4/

सही माहौल बन रहा है… ये देश हिंदुओं का है। मुसलमान बाहर से आए, हमारी मंदिरे तोड़ी, हमें सताया, हमारी सभ्यता को नुक़सान पहुँचाया और अपने धर्म को बढ़ावा दिया। बदला लेने का समय है अब। हिंदुत्ववादी सरकार बनी है, अब या तो मुसलमान मान ले की वो मूल रूप से हिंदू है और दूसरे दर्जे के नागरिक बन कर रहे या चले जाए यहाँ से। रहना है तो हमारे अहसान तले रहो या निकल लो। और ये कोई ज़्यादती नहीं है, तुमने सालों पहले यही किया था तो अब ऐसा ही जवाब मिलेगा। जय हिंदू।
ठीक है कि मुसलमानो को निपटाने का अभियान चल गया है। भाई आख़िर सरकार है अपनी। अब अगले आक्रमणकारी पर ध्यान डालते है। ईसाई को देख लिया, मुसलमान को देख रहे है अब उसके बाद कौन। उसके पहले के आक्रमणकारी कौन थे। दलितों पे किसने ज़्यादती की, कौन उनके पढ़ने और आगे बढ़ने में बाधक बना, किसने दलितों और पिछड़ो को सामाजिक और आर्थिक रूप से पीछे रखा। किसने दलितों को मंदिर में घुसने पे रोक लगाई, मारा-पीटा, शास्त्र का ज्ञान होने पे कान में खौलता मोम डालने की बात की, महिलाओं-बच्चों पे अन्याय किया। किसने दलितों की सभ्यता, खान पान, पहनावा, रहन सहन, पूजा नियम को नीचा दिखाया और ध्वस्त किया।
भाई अगर वाक़ई ये समय इतिहास के अत्याचार का बदला लेने का है तो जैसा हम ईसाई और मुसलमान के साथ कर रहे है उसी क्रम से अगली संख्या ब्रह्मिनो की आती है। किसी भी गिनती से भारत में दलितों और पिछड़ो की संख्या ब्रह्मिनो और अगडो से बहुत ज़्यादा है। आख़िर बहुसंख्यक्वाद ही चलना है तो ज़रूरी है की अब दलितों की सरकार बने। और जैसा कुछ भी मुसलमानो के साथ हो रहा है या बहुत सारे लोग करना चाहते है वो फिर ब्रह्मिनो के साथ हो।
और हाँ ईसाई को युरोप जाने कहते हो ना और मुसलमानो को अरब देश या पाकिस्तान। भाई जब ये दलित हमारी (क्यूँकि में भी एक ब्राह्मण हूँ) “घर वापसी” करवाएँगे तो हमें तो सीधा भगवान के घर जाना होगा। वोहि भगवान जिनका नाम लेकर और जिनका डर दिखाकर हमारे पूर्वजों ने दलितों और पिछड़ो पे अत्याचार किया।

निवेदन यह है की हम जागे और मानवता के मूल्य को समझें।
What will make India ‘Congress-mukt’?
ओ री दुनिया
Start a discussion.

Rating, Social Media Sharing & Commenting Helps Build Our Community